Kaavyanjali Ek Saprem Bhent............









 

                                



रात  की तन्हाई  मे फ़रियाद  करते हैं,
न चाहते हुए  भी हम  किसीको  याद  करते हैं ,
नहीं जानते  कुछ  भी हम ,
फिर  भी दिल  जान  से उनपर  मरते  हैं,

 ठंडी  ठंडी  हवा  का  एहसास ,
 दिल  के  दर्पण  में  उनका  वास ,
तारों  भरी  इस  चांदनी  रात  में ,
पल  पल  हम  आहें  भरते  है,

 रात  की  इस  तन्हाई  में  फ़रियाद  करते  है ,
न  चाहते  हुए  भी  हम  किसीको  याद  करते  है ,

 जब  जाऊँगा  इस  दुनिया  से ,
 तब   इश्वर   से  पूछुंगा बस  इतना,
 क्या  खता  हुई  थी  हमसे  जो,
 दर्द  दिया  हमें  सागर  जितना,
 
सच्चाई  की  राह  चुनी  थी ,
अन्धकार  से  लड़ता  था ,
झूठ  फरेब  की  इस  दुनिया  में ,
बस  जहर   ही  पीना  पड़ता  था ,

यही  सब  सोच  के  हम  ठंडी  आहें  भरते  है ,
रात  की  तन्हाई  में  फ़रियाद  करते  है ,
न  चाहते  हुए  भी  हम  किसीको  याद  करते  है ,
न   चाहते  हुए  भी  हम  किसीको  याद  करते  है ......


Updated: May-2010

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