पहाड़
से
टूटकर
कुछ
पत्थर
आ
गिरे
रोड
पर
और
अगले
ही
दिन
अखबारों
के
मुख
पृष्ठ
पर
चर्चे
थे-
अवैध
खनन
और
सरकार
की
लचीली
फ़ॉरेस्ट
नीति
के
.
माफियाओं
और
नेताओं
के
आगे
झुकती
बयूरोक्रेसी
की
रीति
के
.
लोगों
ने
भी
चाय
की
दुकानों
में
बैठकर
खूब
परिचर्चा
की
कुछ
लोगों
ने
तो
नारे
भी
लगाये
और
कुछ
लोग
मज़े
मज़े
में
सरकारी
बस
फूक
आये
.
ऐसे
ही
कुछ
दिनों
तक
होता
रहा
हो
हल्ला
और
उसके
बाद,
अखबारों
ने
मुख
पृष्ठ
बदल
लिया
और
लोगों
ने
करवट
.