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मैं पेशे से मकैनिकल इंजिनियर हूँ और निजी क्षेत्र की
कंपनी में गुडगाँव में
कार्यरत
हूँ.
पिछले
चार
साल
से
हिंदी
में
कवितायेँ
लिख
रहा
हूँ.
मुझे
नहीं
मालूम था
की
मैं
कवितायेँ
लिख
सकता
हूँ.
चार
साल
पहले
इंडिया-ऑस्ट्रेलिया
क्रिकेट
मैच
के
दौरान
हरभजन
और
सेमोंड्स
में
हुई
झड़प
और
उसके
बाद
गोरे
लोगों
के
व्यवहार
ने
मुझे
उद्वेलित
किया
और
वो
कविता
के
रूप
में
बहार
आया.
मेरे
सहकर्मियों
में
लिखने
के
लिए
प्रोत्साहित
किया
और
दस
के
करीब
कवितायेँ
लिख
चूका
हूँ
जो
आप
के
समक्ष
अवश्य लायूँगा
अंशुल जैन नभ के नाम से सन 2002 मे
काव्य संसार मे जन्म लिया, शुरुआत से ही श्रंगार से
लगाव होने के कारण स्वत ही श्रंगार के गीतो की भाषा
जीवन के कोरे प्रष्ठो पर अंकित होने लगी, मंचों से
काव्य पाठ करने मे कम स्तरीय मुक्तकों और छंदों का
प्रगोय किया , परंतु साहित्य के स्तर को कविताओ मे
बरकरार रखा।
15 सितम्बर 1984 मे ललितपुर (उत्तर
प्रदेश) के मध्यम बर्गीय परिवार मे जन्म के बाद हाई
स्कूल और इंटर मीडीएट उतीर्ण करके बी.एस.सी.क़ृषि मे
स्नातक उपाधि ससम्मान प्राप्त की, सन 2006 मे
राम-वनवास-भूमि चित्रकूट मे स्थित महात्मा गांधी
ग्रामोदय विश्वविधालय से एम.बी.ए (एग्री-विजनेस) मे
परास्नातक डिग्री प्राप्त की।
बर्तमान मे भोपाल (मध्य प्रदेश ) मे
क़्रषि- प्रोजेक्ट मे, परियोजना अधिकारी के पद पर
कार्यरत है।
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